One World
Monday, August 19, 2019
shri Krishn parichaya :: ))
(Lord Shri Krishna ) श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के 8वें अवतार और हिन्दू धर्म के ईश्वर माने जाते हैं। कन्हैया, श्याम, गोपाल, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता हैं। कृष्ण निष्काम कर्मयोगी, एक आदर्श दार्शनिक, स्थितप्रज्ञ एवं दैवी संपदाओं से सुसज्ज महान पुरुष थे। उनका जन्म द्वापरयुग में हुआ था। उनको इस युग के सर्वश्रेष्ठ पुरुष युगपुरुष या युगावतार का स्थान दिया गया है। कृष्ण के समकालीन महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित श्रीमद्भागवत और महाभारत में कृष्ण का चरित्र विस्तुत रूप से लिखा गया है। भगवद्गीता कृष्ण और अर्जुन का संवाद है जो ग्रंथ आज भी पूरे विश्व में लोकप्रिय है। इस कृति के लिए कृष्ण को जगतगुरु का सम्मान भी दिया जाता है। कृष्ण वसुदेव और देवकी की 8वीं संतान थे। मथुरा के कारावास में उनका जन्म हुआ था और गोकुल में उनका लालन पालन हुआ था। यशोदा और नन्द उनके पालक माता पिता थे। उनका बचपन गोकुल में व्यतित हुआ। बाल्य अवस्था में ही उन्होंने बड़े बड़े कार्य किये जो किसी सामान्य मनुष्य के लिए सम्भव नहीं थे। मथुरा में मामा कंस का वध किया। सौराष्ट्र में द्वारका नगरी की स्थापना की और वहाँ अपना राज्य बसाया। पांडवों की मदद की और विभिन्न आपत्तियों में उनकी रक्षा की। महाभारत के युद्ध में उन्होंने अर्जुन के सारथी की भूमिका निभाई और भगवद्गीता का ज्ञान दिया जो उनके जीवन की सर्वश्रेष्ठ रचना मानी जाती है। 124 वर्षों के जीवनकाल के बाद उन्होंने अपनी लीला समाप्त की। उनकी मृत्यु के तुरंत बाद ही कलियुग का आरंभ माना जाता है।
यही नहीं श्री कृष्ण भगवन ने पूरी मनुष्य जाती को मुक्ति का मार्ग भी दिखाया है |
अंततः आप सभी को ये स्मरण कराना बहुत आवश्यक है की हम ये कभी न भूले की हम उसी जगत पिता श्री नारायण की संतान ह और हमे हमेशा उनका आवाहन करते रहना चाहिए| 

जय श्री राधे-श्याम |
kuch shabd :: ))
kbhi -kbhi lgta h, kitna kuch h khne ko, pr kalam hanth me aane pr mere jazbaat khi tham se jaate h,
nhi rhta h yaad haal-e-dil apna, nhi bachti koi khwahish dil me, na lafz zubaan pr aate h,
tune kya kiya h ye? ya mujhe khud ho gya h tu anjan ho kr bhi aaj mere liye khuda ho gya h,
na hi ye shayari h, or na hi me shayar hu, bus dil k maare h aisa kuch hum bol hi jaate h........
na jaane kyu mere jazbaat tham se jaate h........
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